हर वर्ष 1 जून को मनाया जाता है वर्ल्ड मिल्क डे, जानें इससे जुड़ी कुछ खास बातें…

आज 1 जून को हर साल विश्व दूग्ध दिवस यानी कि वर्ल्ड मिल्क डे के रूप में मनाया जाता है। बता दें कि दूध के महत्व को उजागर करने हेतु संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन द्वारा सबसे पहले इस दिन की शुरुआत की गई थी। वही इस पहल को शुरू हुए 20 साल हो गए हैं और 1 जून को वर्ल्ड मिल्क डे, दुनियाभर में, हमारे आहार में दूध के सेवन के महत्व को चिह्नित करने के दिन के रूप में मनाया जाता है.

वही इस वर्ष इस मुहिम को 20 साल पूरे हो गए हैं। जिसके चलते इसकी थीम को ‘वर्ल्ड मिल्क डे की 20वीं वर्षगांठ’ कहा जा रहा है। कोरोना वायरस के कारण, समिति द्वारा कोई बड़ा कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया है, लेकिन ग्लोबल डेयरी प्लेटफ़ॉर्म प्रतिभागियों से डेयरी के लाभों के बारे में बात करने के लिए कहा गया है. साथ ही दूध और डेयरी उत्पादों तक दुनिया के कई हिस्सों में पहुंचने में समस्याओं को उजागर करने पर बात करने के लिए कहा गया है।

जानें क्या है इसका महत्व

भारत में विश्व दुग्ध दिवस बहुत ही उत्साह के साथ मनाजा जाता है। भारत में बहुत से लोग दूध और डेयरी उत्पादन से जुड़े हुए हैं और आज का दिन उन्हें दूध और डेयरी उत्पादन के बारे में खुलकर बात करने का मौका देता है.

कैसे मनाएं

पिछले साल वर्ल्ड मिल्क डे की थीम भारत में ”दूध पीएं: आज और रोज” थी. हर साल अलग थीम देने का उद्देशय यही होता है कि दूध और डेयरी उत्पादों को लेकर लोगों के बीच जागरुकता बढ़ाई जाए. बहुत सारे एनजीओ और अन्य संगठन बढ़-चढ़ कर विश्व दुग्ध दिवस के कार्यक्रमों को आयोजित करते हैं और मुफ्त में वंचित बच्चों को दूध के पैकेट बांटते हैं. कई संगठन इस मौके पर नई-नई पॉलिसी भी जारी करते हैं ताकि हर उम्र के बच्चे तक दूध पहुंचाया जा सके।

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