वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण व गुजरात के सीएम रुपाणी ने रामचंद्र गुहा को दिया करारा जवाब..पढ़े पूरी ख़बर-

कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में इस समय कोहराम मचा हुआ है। लेकिन इस बीच दो अलग क्षेत्र के दिग्गज संस्कृति को लेकर ट्विटर पर एक दूसरे पर हमला बोल रहे हैं।

दरअसल, इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने गुजरात और बंगाल को लेकर ट्विटर के जरिए ट्वीट कर गुजरात को सांस्कृति तौर पर पिछड़ा बताया था। इसके बाद गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी व वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुहा के इस ट्वीट पर हमला बोल दिया।

गुहा ने बृहस्पतिवार सुबह ट्वीट किया, ”फिलिप स्प्रैट ने 1939 में लिखा था – गुजरात, भले ही आर्थिक रूप से समृद्ध राज्य हो, लेकिन सांस्कृतिक तौर पर पिछड़ा हुआ है…जबकि, बंगाल आर्थिक रूप से पिछड़ा है, लेकिन सांस्कृतिक रूप से काफी आगे है।

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्विटर पर गुहा के ट्वीट पर जवाब दिया है ,उन्होंने कहा, ”1939 में जब ब्रिटेन के कम्युनिस्ट विचाराधारा से जुड़े फिलिप स्प्रैट ने यह लिखा…उस समय गुजरात में क्या हो रहा था…जामनगर…महाराजा जाम साहेब दिग्विजय सिंह जी जाडेजा ने पोलैंड के 1,000 बच्चों की जान बचाई।”

वहीं गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने गुहा का जवाब ट्वीट के जरिए दिया उन्होंने लिखा कि,पहले ब्रिटिशों ने देश को बांटने और राज करने की कोशिश की। अब कुछ विशिष्ट लोग हैं, जो देशवासियों को अलग-अलग रूप में बांटना चाहते हैं। भारत के लोग ऐसी चाल में नहीं फंसेगे। गुजरात भी महान है, बंगाल भी महान है…भारत एकजुट है।” उन्होंने कहा, ”हमारी सांस्कृतिक बुनियाद मजबूत है और आर्थिक आकांक्षाएं ऊंची हैं।”

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निर्मला सीतारमण ने गुहा को जवाब देते हुए कहा कि‘‘अर्थव्यवस्था निश्चित रूप से सुरक्षित हाथों में है। चिंता करने की जरूरत नहीं है श्रीमान गुहा। मौजूदा राष्ट्रीय चर्चा पर विचारों का संज्ञान लेना + जिम्मेदारी से अपना काम करना कोई विशेष बात नहीं है। किसी भी रूप से इतिहास में रूचि एक बढ़त है। निश्चित रूप से आपके जैसे बुद्धिजीवी व्यक्ति को यह समझ में आना चाहिए।

उसके बाद गुहा ने ट्वीट कर लिखा कि, ‘‘मुझे लगता कि केवल गुजरात के मुख्यमंत्री ने टिप्पणी की लेकिन अब ऐसा लगता है कि वित्त मंत्री को भी एक साधारण इतिहासकार का ट्वीट सता रहा है।

विवाद बढ़ने पर गुहा ने कहा, ”जब मैं कोई कथन ट्वीट करता हूं, तो वो मुझे अध्ययन के दौरान मिलते हैं। जरूरी नहीं है कि मैं उन विचारों से सहमत हूं। ऐसे में आप अपना गुस्सा या प्यार सिर्फ उस व्यक्ति के लिए ही रखें, जिनका वो कथन है”.

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