मां का स्वरूप

जन्म देने से लेकर अपने बुढ़ापे तक
तुम सारे फ़र्ज़ निभाती हो ,
माँ के रूप में ममता की बात हो
या बहन बेटी के रूप में तुम्हारा अवतार
तुम सभी रूपों में ढल जाती हो ,

जब तुम नन्ही से परी के रूप में
जन्म लेती हो ,
घर की लक्ष्मी कही जाती हो ,
घर के कामों समाज की बातों से
उठकर तुम सपने हज़ार सजाती हो ,

किसको पता था की ये खुशियों भरा वक़्त करवट लेगा
हमारे देश में कोरोना जैसा वायरस दस्तख देगा ,
हमेशा की तरह तुमने इस बार भी हार नहीं मानी
मुस्कुरा कर तुमने अपनी जिम्मेदारियां संभाली ,

सड़क पर जाऊ तो आरक्षी के रूप
में दिख जाती हो
हॉस्पिटल जाऊ तो डॉक्टर नर्सेस के
रूप में तुम नज़र आती हो ,
भारत को स्वस्थ – स्वच्छ बनाने में
तुम सफाईकर्मियों के रूप में अपनी
भूमिका निभा रही हो ,

इस मुश्किल दौर में देश को नारी शक्ति – नारी एकता की ताकत दिखा रही हो ,
आज तुम्हारे योगदान का हर देश वाशी प्रशंसा कर रहा है ,
तुम्हारे दिखाए रस्ते पे हर कोई आगे बढ़ रहा है ,

दुआ है की देश की हर नारी सदैव
मुस्कुराए
सभी के घरों में बस खुशियां हो
गम कभी ना आए
देश की सभी नारियों को मेरा
कोटि – कोटि प्रणाम है ,
आपकी जगह कोई नहीं ले सकता
आप सबसे महान हैं,,,,…..

– कुमारी शालू, देवरिया

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