अंडमान-निकोबार में बेहतर होगी इंटरनेट स्पीड – PM मोदी ने सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल का उद्घाटन किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर को जोड़ने वाली सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) कनेक्टिविटी परियोजना का उद्घाटन किया।
पीएम मोदी ने ही दिसंबर 2018 में परियोजना की आधारशिला रखी थी। 1224 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 2300 किलोमीटर लंबी सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाई गई है। सरकारी कंपनी BSNL ने समंदर के भीतर केबल बिछाने का काम पूरा किया है।

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा, “आज का दिन अंडमान-निकोबार के दर्जनों द्वीपों में बसे लाखों साथियों के लिए तो अहम है ही, पूरे देश के लिए भी महत्वपूर्ण है।”
“नेता जी सुभाषचंद्र बोस को नमन करते हुए, करीब डेढ़ वर्ष पहले मुझे सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल कनेक्टिविटी परियोजना के शुभारंभ का अवसर मिला था। मुझे खुशी है कि अब इसका काम पूरा हुआ है और आज इसके लोकार्पण का भी सौभाग्य मुझे मिला है।”

वहीं, इस मौक पर प्रधानमंत्री मोदी ने अंडमान-निकोबार के लोगों को अनंत अवसरों से भरी इस कनेक्टिविटी के लिए बधाई दी। और उन्होंने कहा, “अब अंडमान-निकोबार के लोगों को भी मोबाइल कनेक्टिविटी और तेज इंटरनेट की वही सस्ती और अच्छी सुविधाएं मिल पाएगी, जिसके लिए आज पूरी दुनिया में भारत अग्रणी है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमारा समर्पण रहा है कि राष्ट्र की सुरक्षा से जुड़े बॉर्डर एरिया और समुद्री सीमा से जुड़े क्षेत्रों का तेजी से विकास हो। अंडमान-निकोबार को बाकी देश और दुनिया से जोड़ने वाला ये ऑप्टिकल फाइबर प्रोजेक्ट, ईज ऑफ लिविंग के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आने वाले समय में अंडमान निकोबार, पोर्ट लेड डेवलपमेंट के हब के रूप में विकसित होने वाला है। अंडमान-निकोबार दुनिया के कई पोर्टस से बहुत कॉम्पिटिटिव डिस्टेंस पर स्थित है।” 

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में ये भी कहा, “अब ग्रेट निकोबार में करीब 10 हजार करोड़ की संभावित लागत से ट्रांसिप्मेंट पोर्ट के निर्माण का प्रस्ताव है. कोशिश है कि आने वाले 4-5 साल में इसके पहले फेस को बनाकर तैयार कर लिया जाए. एक बार जब ये पोर्ट बनकर तैयार हो जाएगा तो यहां बड़े-बड़े जहाज भी रुक पाएंगे.”  

उन्होंने कहा, “अंडमान और निकोबार के 12 आइलैंड्स में हाई इंपैक्ट प्रोजेक्टस का विस्तार किया जा रहा है। मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी की एक बहुत बड़ी समस्या का समाधान तो आज हो चुका है। इसके अलावा रोड, एयर और वॉटर के ज़रिए फिजिकल कनेक्टिविटी को भी सशक्त किया जा रहा है।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “नॉर्थ और मिडिल अंडमान की रोड कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए 2 बड़े ब्रिज और NH-4 के चौड़ीकरण पर तेज़ी से काम हो रहा है। पोर्ट ब्लेयर एयरपोर्ट में एक साथ 1200 यात्रियों को हैंडल करने की कैपेसिटी आने वाले कुछ महीनों में बनकर तैयार हो जाएगी।”

सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केनल लिंक चेन्नई और पोर्ट ब्लेयर के बीच 2X200 गीगाबाइट प्रति सेकेंड की बैंडविड्थ (जीबीपीएस) देगा. पोर्ट ब्लेयर और अन्य द्वीपों के बीच 2X100 गीगाबाइट प्रति सेकेंड की बैंडविड्थ से अब लोगों को इंटरनेट मिलेगा. बेहतर दूरसंचार और ब्राडबैंड सुविधा से अंडमान निकोबार द्वीप क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार सृजन को गति मिलेगी. अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी और लोगों का जीवन स्तर सुधरेगा.  

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