जानिए कैसे हुआ था बैंड-ऐड की पट्टी का आविष्कार, कहानी है बहुत रोचक!

बैंड ऐड पट्टी को कौन नहीं पहचानता आजकल सभी घरों में या आसानी से मिल जाता है। छोटी-मोटी चोट या खरोंच में यह काफी उपयोगी भी साबित होता है। बैंड ऐड पट्टी को सबसे पहले बनाने वाली कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन ने वर्ष 1921 में बाजार में लाया था। पर आपको जानकर हैरानी होगी कि इसका आविष्कार कंपनी के एक अधिकारी ने अपनी पत्नी के प्रति प्रेम के कारण किया था।

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एयरले डिक्सन

आइए जानते हैं आखिर कैसे हुआ बैंड ऐड पट्टी का आविष्कार

जॉनसन एंड जॉनसन में काम करने वाले एयरले डिक्सन की पत्नी जोसेफिन अक्सर घर के कामों और खाना बनाते समय गलती से स्वयं को चोटिल कर लेती थी इससे उनके हाथों पर कटने और जलने के निशान बन जाते थे। एयरले तो सुबह-सुबह अपने ऑफिस चले जाते थे जिसके बाद उनकी पत्नी को अकेले पट्टी करने में काफी दिक्कत होती थी। वे चाहते थे कि उनकी पत्नी आसानी से पट्टी बांध सकें।

एयरले ने कंपनी के शुरुआती उत्पाद चिपकने वाले टेप और जालीदार कपड़ा ले लिया और उन्हें एक सर्जिकल टेप पर लगा दिया और उसी बीच बीच में एक जालीदार कपड़े की पट्टी लगा दी। टिपके गोंद को चिपकने से रोकने के लिए उन्होंने क्रिनोलिन कपड़े से ढक दिया। इस प्रकार उन्होंने अपनी पत्नी के प्रति प्रेम और स्नेह हमें बैंड-ऐड पट्टी का आविष्कार कर दिया।

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फाइल फोटो

यह पट्टी एयरले की पत्नी के लिए काफी उपयोगी साबित हुआ जब उन्होंने अपने आविष्कार की जानकारी कंपनी के मालिक को दी तो वर्ष 1921 में जॉनसन एंड जॉनसन ने इसे बाजार में आवश्यक रूप से लॉन्च किया।

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