मशहूर उर्दू शायर गुलजार देहलवी ने दुनिया को कहा अलविदा-

कोरोना वायरस की वजह से कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसी बीच उर्दू के वरिष्ठ शायर गुलज़ार उर्फ आनंद मोहन जुत्शी ने शुक्रवार को दुनिया को अलविदा कह दिया।


आनंद मोहन जुत्शी उर्फ गुलजार देहलवी का निधन नोएडा स्थित उनके आवास पर हुआ.  उनकी उम्र 93 वर्ष थी। आपको बता दें देहलवी हाल ही में कोरोना के संक्रमण से ठीक हुए थे।

उनके बेटे अनूप जुत्शी ने बताया कि सात जून को उनकी कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट दोबारा निगेटिव आयी जिसके बाद हम उन्हें घर वापस लाये थे ।आज लगभग दोपहर ढाई बजे हमने खाना खाया उसके बाद उनका निधन हो गया।


आगे अनूप ने कहा कि “वह काफी बूढ़े थे और संक्रमण के कारण काफी कमजोर भी हो गए थे. डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें दिल का दौरा पड़ा होगा.” स्वतंत्रता सेनानी और जाने-माने ‘इंकलाबी’ कवि देहलवी को कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद एक जून को उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट के जरिए लिखा कि,‘दिल्ली के मशहूर शायर आनंद मोहन ‘गुलज़ार देहलवी’ जी नहीं रहे. 93 उम्र में भी वो उर्दू अकादमी के हर मुशायरे में जोश और प्रेम से आते रहे. दिल्ली की गंगा जमुनी तहज़ीब की हाज़िर मिसाल को नमन.

वर्ष 2009 में देहलवी को मीर तकी मीर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। 2011 में उनकी रचना कुलियात-ए-गुल्ज़ार प्रकाशित हुई थी. वे भारत सरकार द्वारा 1975 में प्रकाशित पहली उर्दू विज्ञान पत्रिका ‘साइंस की दुनिया’ के संपादक भी रह चुके हैं.

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