झारखंड के नोडल ऑफिसर ने प्रवासी मजदूरों को लेकर कही बेहद शर्मनाक बात-

कोरोना वायरस का कहर लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है. ऐसे में प्रवासी मजदूर सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं.वे अलग-अलग राज्यों से अपने -अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं। कुछ मजदूर पैदल ही अपने घर की दूरी तय कर चुके हैं। झारखंड में प्रवासी मजदूरों को घर वापस लाने को लेकर एक योजना बनाई गई थी, जिसमें आईएस एपी सिंह को सीनियरहेड बनाया गया था। ऐसे समय में झारखंड के नोडल ऑफिसर आईएस एपी सिंह ने मजदूरों के मदद के बजाय बेहद शर्मनाक बात कही ।


आपको बता दें कि हर प्रवासी मजदूरों के पास नोडल अधिकारी का फोन नम्बर रहता है ,जिससे उन्हें जो परेशानी हो वो उस अधिकारी से सम्पर्क कर सकते हैं। झारखंड के एक प्रवासी मजदूर ने अपनी समस्या नोडल अधिकारी से साझा किया तो नोडल अधिकारी एपी सिंह ने बहुत ही ग़लत रवैया अपनाने हुए जवाब दिया ।

प्रवासी मजदूर और नोडल ऑफिसर एपी सिंह की बातचीत-

प्रवासी मजदूरः हैलो सर, हेलो…हेलो….

एपी सिंहः हेलो…

प्रवासी मजदूरः हेलो सर नमस्कार…


एपी सिंहः नमस्कार

प्रवासी मजदूरः ये फोन एपी सिंह सर के पास लगा है.

एपी सिंहः कौन आप बोल रहे हैं.

प्रवासी मजदूरः हमलोग झारखंड के प्रवासी मजदूर बोल रहे हैं. स्पेशल ट्रेन से वापस आ रहे हैं सर… सुबह से खाना नहीं मिला है…भूख से परेशान हो गये हैं हमलोग.

एपी सिंहः अच्छा…खाना रेलवे को देना है…रेलवे देगा खाना

प्रवासी मजदूरः कब देगा सर… सुबह में खाली एक पैकेट ब्रेड..ए गो केला और एक गो बोतल पानी दिया है…उसी में दिन भर काटना पड़ रहा है सर…कैसे क्या करें…

एपी सिंहः कूद जाइये वहां से…और क्या करियेगा…

प्रवासी मजदूरः कूद जाने से अच्छा रहेगा क्या…

एपी सिंहः रास्ते में जो देना है वो हमको नहीं रेलवे को देना है…

फिर फोन कट गया…

वास्तव में ये बात बेहद शर्मनाक बात है । मजदूरों के मदद के बजाय उनसे साथ ग़लत तरीके का रुख अपनाना।

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