फेयर एंड लवली ब्रैंड के नाम में होगा परिवर्तन…हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी ने लिया फैसला-

अमेरिका सहित विश्व भर में रंगभेद के विरोध में चल रहे आंदोलन के बीच हिन्दुस्तान यूनिलीवर कंपनी ने अपने ब्रैंड फेयर एंड लवली के नाम में परिवर्तन करने का निर्णय लिया है। कंपनी अपने ब्रैंड के नाम से फेयर शब्द हटाएगी। कंपनी का कहना है कि कई सालों से फेयर एंड लवली को लेकर रंग भेदभाव करने का आरोप लगा था। जिस वजह से कंपनी ने फेयर एंड लवली का नाम परिवर्तित करने का फैसला लिया है।

कंपनी ने बताया कि नए नाम के लिए आवेदन कर दिया गया है जिसे अभी स्वीकृति नहीं मिली है।
हिंदुस्तान यूनिलिवर कंपनी ने बताया कि वह अपने ब्रैंड की पैकेंजिंग से फेयर, व्हाइटनिंग और लाइटनिंग जैसे शब्दों को हटा देगी. इसके अतिरिक्त विज्ञापनों और प्रचार सामग्री में हर रंग की महिलाओं को जगह दी जाएगी. भारत के अलावा, यह क्रीम बांग्लादेश, इंडोनेशिया, थाईलैंड, पाकिस्तान और एशिया के कई देशों में बिकती है.

हिंदुस्तान यूनिलीवर के ‘फेयर एंड लवली ब्रांड के एडवांस्ड मल्टी विटामिन से संबंधित विज्ञापन को कुछ दिन पहले एएससीआई ने भ्रामक बताया था।साथ ही आपको बताते चलें कि अप्रैल में जिन अन्य प्रसिद्ध ब्रांडों के विज्ञापन पर परिषद ने आपत्ति जताई है उनमें एशियन पेंट्स, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा मोटर्स, एफसीए इंडिया ऑटोमोबाइल्स, ग्रोफर्स, मेकमाईट्रिप और इंडिगो एयरलाइंस शामिल हैं। गोरा बनाने वाली दावा करने वाली ब्रैंड फेयर एंड लवली भी चर्चा में रही।

आपको बता दें साल 1975 में हिंदुस्तान यूनीलीवर ने “फेयर एंड लवली” नाम की क्रीम मार्केट में लायी थी। स्कीन टोनिंग क्रीम के बाजार का 50-70 फीसदी हिस्सा “फेयर एंड लवली” के पास ही है।

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