IIT बॉम्बे में बना भारत का पहला नेविगेशन रिसीवर चिप “ध्रुव”

मुंबई: IIT बॉम्बे ने भारत का पहला स्वदेशी नेविगेशन रिसीवर RF front end integrated circuit IC चिप बना लिया है। इसका नाम “ध्रुव” रखा गया है।
स्मार्ट डिवाइस और आईओटी के युग में नेविगेशन एक आवश्यक फीचर है, जिसका इस्तेमाल हम विभिन्न पर्सनल और कमर्शियल अप्लीकेशंस में करते हैं। यह हमारे एक जगह से दूसरी जगह ट्रेवल करने के दौरान भी काफी मददगार है। जैसे ओला/उबेर भी नेविगेशन का प्रयोग कर एक जगह से दूसरी जगह जाते हैं, और इसी टेक्नोलॉजी की वजह से स्विगी या अन्य कंपनियां खाना डिलीवर करते हैं।

The Gazette Today India - IIT बॉम्बे में बना भारत का पहला नेविगेशन रिसीवर चिप "ध्रुव"
नेविगेशन रिसीवर चिप “ध्रुव”

ध्रुव की मदद से भारत के नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम NavIC से मिलने वाले सिग्नल्स को बेहतर क्वालिटी में रिसीव किया जा सकेगा। अभी तक भारत को नेविगेशन सैटेलाइट और उनसे मिलने वाले सिग्नल्स के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना होता था। ये देश की सुरक्षा के लिहाज से भी बहुत बड़ी उपलब्धि है।

IIT बॉम्बे के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के प्रोफेसर राजेश जेडे ने बताया कि फिलहाल ये IC चिप, नेविगेशन सैटेलाइट NavIC और GPS के सिविल ऍप्लिकेशनस में स्टैंडर्ड पोजिसनिंग सर्विस को टारगेट करेगा। लेकिन आगे जाकर ये भारत की नेविगेशन से जुड़ी सुरक्षा जरूरतों के लिए बहुत अहम किरदार साबित होने वाला है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि ये पूरी दुनिया के किसी भी सैटेलाइट सिग्नल्स को डिकोड कर सकता है।

प्रोफेसर ने ये भी बताया कि सेटेलाइट के सिग्नल को डीकोड करने के लिए चिप की आवश्यकता होती है। हमारे सेलफोन में अभी जीपीएस चिप है। भारत के नेविक को डीकोड करने के लिए भारतीय चिप नहीं थी। हमने पहला ऐसा चिप बनाया है कि हम किसी भी सेटेलाइट के नेविगेशन सिग्नल को डीकोड कर सकते हैं। हमारा फोन तीन से चार सेटेलाइट फोन के सिग्नल डीकोड कर बता देता है कि हमारी लोकेशन कहां है।

The Gazette Today India - IIT बॉम्बे में बना भारत का पहला नेविगेशन रिसीवर चिप "ध्रुव"
IIT बॉम्बे की नेविगेशन रिसीवर चिप “ध्रुव” बनाने वाली टीम

Leave a Reply

%d bloggers like this: