उत्तर प्रदेश: यूपी के विश्वविद्यालयों व डिग्री कॉलेजों में नहीं होंगी परीक्षाएं-

कोरोना वायरस के मामले थमने का नाम ही नहीं ले रही हैं.कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा हर रोज बढ़ता जा रहा है,जिस वजह से इस वर्ष राज्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं नहीं होंगी। सभी विद्यार्थियों को प्रोन्नत किया जाएगा.परीक्षाओं के आयोजन के संदर्भ में मेरठ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तनेजा की अध्यक्षता में गठित समिति ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट सौंपी दी है।

सरकार ने परीक्षाएं नहीं कराने के समिति के सुझाव को सैद्धांतिक रूप से स्वीकार कर लिया है, लेकिन सभी विश्वविद्यालयों के लिए एक जैसा प्रोन्नति का फॉर्मूला तय करने की बात कही है।

साथ ही आपको बताते चलें की उत्तर प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों में बीटेक, बीफार्मा, एमबीए सहित अन्य कोर्सेज में पढ़ रहे तक़रीबन सवा दो लाख विद्यार्थियों को भी बड़ी राहत मिली है. हालांकि यहां भी परीक्षाएं न कराने का प्रस्ताव शासन को डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक के द्वारा भेजा जा चुका है।

आपको बता दें प्रदेश में 18 राज्य विश्वविद्यालय, 27 निजी विश्वविद्यालय, 169 राजकीय महाविद्यालय, 331 सहायता प्राप्त महाविद्यालय, 6531 वितविहीन महाविद्यालयों में करीब 48 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई करते हैं। 

समिति ने अपनी रिपोर्ट उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा को सौंप दी, और इस साल विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं नहीं कराने, सभी विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के ही पास किए जाने का सुझाव दिया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने समिति के अध्यक्ष प्रो. तनेजा से बताया कि कुछ विश्वविद्यालयों में अधिकतर परीक्षाएं समाप्त हो चुकी थीं तो कुछ में विश्वविद्यालयों में कुछ ही परीक्षाएं हुई हैं और कुछ शेष रह गईं हैं। उन्होंने समिति को सभी विश्वविद्यालयों की स्थिति के अनुसार विद्यार्थियों को प्रोन्नत करने का सुझाव तैयार करने को कहा है।विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं के लिए गठित समिति की रिपोर्ट पर दो जुलाई को फैसला होगा।

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