सुप्रीम कोर्ट ने लिया फैसला.. सीबीएसई बोर्ड की 10 वीं और 12 वीं की परीक्षाएं हुईं रद्द-

कोरोना वायरस का कोहराम पूरे देश में मचा हुआ है जिस वजह से देश में लॉकडाउन के चलते 25 मार्च से सभी विद्यालय बंद हैं। इसी बीच सीबीएसीई बोर्ड की 10 वीं व 12 वीं की परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई तक होना सुनिश्चित हुआ था लेकिन कुछ गार्डियन ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी वहीं तीन राज्यों ने भी कहा था कि प्रदेश में लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं जिसके चलते परीक्षाएं अभी नहीं कराई जा सकती हैं।

इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई हुई इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई से पूछा था कि क्या परीक्षाएं रद्द की जा सकती हैं?

सॉलिसिटर जनरल ने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी देते हुए बताया कि हालात सही होने पर 12वीं के विद्यार्थियों को पुनः परीक्षा देने का विकल्प मिलेगा। उन्होंने यह भी बोला कि 12वीं के विद्यार्थियों को पिछले तीन परीक्षाओं के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। इस समय कई विद्यालयों में आइसोलेशन सेंटर बने हुए हैं जिस वजह से परीक्षाएं कराना संभव नहीं है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों को कुछ महीने बाद होने वाली इंप्रूवमेंट परीक्षा में भी सम्मिलित होने का विकल्प दिया जाएगा। विद्यार्थी यदि चाहें तो इम्प्रूवमेंट परीक्षा देकर बेहतर अंक अर्जित कर सकते हैं। वहीं अब 10वीं की परीक्षाएं देश में कहीं भी नहीं होंगी।

आपको बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि बाहरवीं कक्षा की शेष रह गईं परीक्षा को रद्द करने का निर्णय बृहस्पतिवार को लिया जाएगा। बता दें कि सीबीएसई बोर्ड की 1 जुलाई से 15 जुलाई के बीच होने वाली इन परीक्षाओं को कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों की वजह से स्थगित किया गया था।

इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायमूर्ति एएम खानविलकर की अध्यक्षता वाली पीठ को सूचना देते हुए कहा था कि सरकार और बोर्ड छात्रों की समस्याओं से भली-भांति अवगत हैं और अधिकारी इस मुद्दे पर जल्द ही फैसला लेंगे। मेहता ने पीठ से इस मुद्दे को एक दिन के लिए स्थगित करने का अनुरोध किया और कहा कि वे अधिकारियों द्वारा लिए गए फैसले के बारे में शीर्ष अदालत को सूचित करें।बोर्ड ने भी 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं पूरी तरह से रद्द कर दी गई हैं।

वहीं आईसीएससी बोर्ड की बात करें तो आईसीएससी बोर्ड ने भी 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं पूरी तरह से रद्द कर दी हैं। आईसीएससी ने 12वीं के छात्रों को कोई विकल्प देने से मना कर दिया है।

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