उत्तर प्रदेश में फिर उलझा 69000 शिक्षकों के भर्ती का मामला.. 12 जुलाई को होगी अगली सुनवाई-

उत्तर प्रदेश में 69000 शिक्षकों की भर्ती का मामला एक बार पुनः उलझ गया है। लखनऊ हाईकोर्ट ने आज इस मामले में सुनवाई करते हुए 69000 शिक्षक भर्ती पर फिलहाल अभी अगली तारीख तक रोक लगा दी है। इस मामले में जस्टिस आलोक माथुर ने विवादित सवालों पर विशेषज्ञ समिति को अगली तारीख तक तटस्थ राय देने को कहा है।

इसकी अगली सुनवाई 12 जुलाई को होना सुनिश्चित हुआ है, तब तक परीक्षा परिणाम और रिजल्ट पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। याचियों के वरिष्ठ अधिवक्ता एच जी एस परिहार व मीनाक्षी परिहार के अनुसार कोर्ट ने विवादित सवालों को यूजीसी की विशेषज्ञों समिति को भेजकर रिपोर्ट मांगी है।

ऋषभ मिश्र और अन्य अभ्यर्थियों की ढाई दर्जन याचिकाओं पर जस्टिस आलोक माथुर ने आज अहम आदेश दिया है। याचिका में छह विवादित प्रश्नों के जवाब को चुनौती दी गई थी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार आज कई जिलों में इस भर्ती परीक्षा की काउंसिलिंग होनी थी, जिसे रोक दिया गया है। काउंसिलिंग कराने आए अभ्यर्थियों से उनके हस्ताक्षर लेकर उन्हें वापस जाने को बोल दिया जा रहा है।

साथ ही ये भी बताया जा रहा है कि शिक्षक भर्ती रिजल्ट जारी होने के बाद से ही विभाग छात्रों द्वारा जारी दर्जनों याचिकाओं का जवाब लगाने में ही व्यस्त है। वहीं जो प्रश्न सबसे अधिक विवादित है वो नाथ सम्प्रदाय के प्रवर्तक से संबंधित है। विषय विशेषज्ञों ने नाथ सम्प्रदाय का प्रवर्तक मत्स्येन्द्रनाथ को माना है जबकि अभ्यर्थी साक्ष्यों के साथ गोरखनाथ सही जवाब बता रहे हैं। केवल यही नहीं भारत में गरीबी का आकलन कैसे या किस आधार पर किया जाता है ऐसे कई प्रश्न हैं जिन पर विवाद उत्पन्न है और अभ्यर्थियों ने इनके लिए याचिका भी डाली है।

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